यह क्या है?
प्रारंभिक (प्रिमिटिव) रिफ्लेक्स वे स्वाभाविक गति-पैटर्न हैं जो शुरुआती विकास के दौरान उभरते हैं और आगे चलकर मोटर, संवेदी, भावनात्मक तथा सीखने के कौशलों की नींव तैयार करते हैं। जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, इन रिफ्लेक्स का धीरे-धीरे अधिक परिपक्व गति-पैटर्न में समाहित हो जाना अपेक्षित होता है।
कुछ बच्चों में ये रिफ्लेक्स पैटर्न बने रह जाते हैं, जिनका असर मुद्रा, संतुलन, समन्वय, ध्यान, सीखने, भावनात्मक नियमन और रोज़मर्रा की भागीदारी पर पड़ सकता है।
MNRI® एक ऐसी पद्धति है जो व्यक्तिगत रूप से तैयार की गई गतिविधियों और चिकित्सीय अनुभवों के माध्यम से इन रिफ्लेक्स पैटर्न की परिपक्वता तथा एकीकरण को सहारा देने पर केंद्रित है।
माता-पिता क्या देख सकते हैं
माता-पिता को ये बातें दिख सकती हैं:
- ठीक से बैठने-खड़े होने में कमी
- एक जगह शांत बैठने में कठिनाई
- संतुलन और समन्वय से जुड़ी चुनौतियाँ
- हस्तलेखन में कठिनाइयाँ
- ध्यान और एकाग्रता से जुड़ी चिंताएँ
- भावनाओं को सँभालने में कठिनाइयाँ
- मोटर प्लानिंग से जुड़ी कठिनाइयाँ
आमतौर पर समर्थित क्षेत्र
- रिफ्लेक्स एकीकरण
- मोटर विकास
- संतुलन और समन्वय
- मुद्रा नियंत्रण
- सीखने की तैयारी
- भावनात्मक नियमन
- ध्यान और एकाग्रता
- शरीर की जागरूकता
- रोज़मर्रा के कामों में भागीदारी
